By : *इमामुद्दीन अलीग*

यह शक और सवाल पाकिस्तान के रक्षामंत्री परवेज़ खटक के बयान से पैदा होता है… परवेज़ खटक बालाकोट हमले पर प्रेस वार्ता करते हुए कहा “इंडिया के विमान चार से पांच किलोमीटर तक अंदर आए और बम फेंके, हमारी वायुसेना तैयार थी… वो इसका इंतिज़ार कर रही थी, अभी स्पष्ट आदेश मिल गए हैं, आगे ऐसी कोई हरकत होगी तो एक्शन लिया जाएगा।”

पाकिस्तानी रक्षामंत्री के इस बयान से यह बात खुल कर सामने आ रही है कि पुलवामा हमले के बाद इस तरह की कार्रवाई के मज़बूत अंदेशे के बावजूद आखिर पाकिस्तान ने अपनी वायुसेना को हिंदुस्तानी विमानों के ऐसे किसी संभावित हमले पर मार गिराने का आदेश या खुली छूट क्यों नहीं दी? साफ़ शब्दों में कहा जाए तो पाकिस्तान ने अपनी वायुसेना को हिंदुस्तानी विमानों के खिलाफ एक्शन लेने की परमिशन नहीं थी!

वहीं जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने मौके पर मौजूद अपने विदेश मंत्री से ये पूछ लिया कि, ‘क्या हम ऐसी स्थिति में हैं कि कहें अबकी मार के देख ?’ तो महमूद क़ुरैशी ने उसे देशभक्ति का चूरन देकर खामोश कर दिया… उनहोंने कहा कि ‘आपको पाकिस्तानी वायु सेना की क्षमता और तैयारी पर शक नहीं करना चाहिए।, मतलब देशभक्ति का चूरन बांटने में हमारे पडोसी भी हमारे नेताओं से कहीं से भी पीछे नहीं हैं।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल आसिफ गफूर के बयान से भी पाकिस्तान की नीयत और इरादे पर शक को बल मिलता है जब वो भी ‘अबकी बार मार के दिखा तो जानें’ के अंदाज़ में कहते हैं कि “आएं (हिंदुस्तानी विमान) और 21 मिनट तक पाकिस्तानी सीमा में रुक कर दिखाएं।”

इन बयानों से दो ही बातें समझ में आ रही हैं, एक यह कि या तो पाकिस्तान को एयर स्ट्राइक का समय रहते आभास ही नहीं हो सका और हमले के बाद वो अपनी जनता से ये झूट बोल रहे हैं कि उनके एयर पेट्रोलिंग मिशन ने फ़ौरन एक्शन में आते हुए हिंदुस्तानी विमानों को चैलेंज करके भागने पर मजबूर कर दिया। अगर यह बयान झूट पर आधारित नहीं है तो, इसका सीधा-सीधा एक ही मतलब निकलता है यानि हमले का आभास हो जाने के बावजूद पाकिस्तान ने ‘जान-बूझ’ कर हिंदुस्तानी विमानों को नहीं गिराया, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के बयान से तो यही इशारा मिल रहा है। वहीँ, वक़्त रहते हिंदूतस्तानी विमानों को न गिराने वाला पाकिस्तान अब हिंदुस्तान को जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है… इससे यही सिद्ध होता है कि पाकिस्तान का इरादा जान-बूझ कर किसी हिडन एजेंडा के तहत मामले को तूल देने का था, जिसका हिंदुस्तान के लोकसभा चुनाव पर असर पड़ना तय है। ऐसे सवाल उठता है कि पाकिस्तान का वो हिडेन एजेंडा कहीं भारत के आम चुनाव को प्रभावित करना तो नहीं है? अगर ऐसा है तो हिंदुस्तान के राजनेताओं और जनता को होश में आने की ज़रुरत है।

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